केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय ने आय-कर (सातवाँ संशोधन) नियम, 2026 की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) से अर्जित ब्याज और पूंजीगत लाभ (Interest & Capital Gains) पर कर छूट (Tax Exemption) का दावा करने वाले करदाताओं के लिए एक मानक और पारदर्शी रिपोर्टिंग ढांचा तैयार करना है।
इस संशोधन के माध्यम से आय-कर नियमों में नया नियम 281A (Rule 281A) और प्ररूप सं. 173A (Form No. 173A) अंतःस्थापित (Insert) किए गए हैं।
What is Rule 281A & Form 173A?
- नियम 281A (Rule 281A): आय-कर अधिनियम, 2025 की अनुसूची 4 (सारणी: क्रम सं. 13घ और 13ङ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों पर मिलने वाली कर छूट का दावा करने के लिए निर्धारिती (Assessee) द्वारा प्ररूप सं. 173A में जानकारी प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
- लागू होने की तिथि: यह नियम भारत के राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी हो गया है।
Structure of Form No. 173A
प्ररूप सं. 173A को दो प्रमुख भागों में विभाजित किया गया है:
भाग क : मूल जानकारी
इस भाग में निर्धारिती/निवेशक की व्यक्तिगत एवं कर संबंधी जानकारी मांगी जाती है:
- करदाता का पूरा नाम और निवास का देश
- निवास स्थान / मुख्यालय का पूरा पता
- स्थायी खाता संख्या (PAN)
- निवास के देश में कर पहचान संख्या (TIN – Tax Identification Number)
- FPI / FII के रूप में सेबी (SEBI) पंजीकरण संख्या
- संबंधित कर वर्ष (Tax Year), ईमेल पता और संपर्क नंबर
भाग ख : सरकारी प्रतिभूतियों पर छूट का विवरण
इस भाग में सरकारी बॉन्ड्स में किए गए निवेश और अर्जित आय का पूरा वित्तीय ब्यौरा देना होता है:
- अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभूति पहचान संख्या (ISIN)
- सरकारी प्रतिभूतियों का प्रकार: Treasury Bills (कोषागार बिल), Fixed Rate Bonds (नियत दर बंधपत्र), Floating Rate Bonds (परिवर्तनशील बंधपत्र), State Development Loans (SDLs / राज्य विकास ऋण) आदि।
- निवेश की परिपक्वता अवधि (Tenor)
- वित्तीय वर्ष का हिसाब: 1 अप्रैल को प्रतिभूतियों का कुल मूल्य, वर्ष के दौरान क्रय की गई प्रतिभूतियों का मूल्य, बेची गई प्रतिभूतियों का प्रतिफल और 31 मार्च को कुल मूल्य।
- आय का ब्यौरा: कर वर्ष के दौरान प्राप्त/उद्भूत कुल सकल ब्याज राशि (Gross Interest) तथा अर्जित पूंजीगत लाभ (Capital Gains)।
निष्कर्ष (Conclusion)
CBDT द्वारा जारी आय-कर (सातवाँ संशोधन) नियम 2026 और फॉर्म 173A सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी व घरेलू निवेशकों के लिए कर छूट के दावों को अधिक सुव्यवस्थित बनाता है। नियम 281A के तहत फॉर्म 173A में सटीक वित्तीय ब्यौरा प्रस्तुत करने से करदाताओं को अनुसूची 4 के तहत मिलने वाली छूट का सुलभ लाभ मिल सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: आय-कर नियम 2026 में कौन सा नया नियम और फॉर्म जोड़ा गया है?
उत्तर: CBDT ने नया नियम 281A और प्ररूप सं. 173A (Form No. 173A) जोड़ा है।
Q2: फॉर्म 173A किस उद्देश्य के लिए भरा जाता है?
उत्तर: यह फॉर्म सरकारी प्रतिभूतियों (जैसे ट्रेजरी बिल, बॉन्ड्स, SDL) से प्राप्त ब्याज और पूंजीगत लाभ पर कर छूट (Tax Exemption) का दावा करने हेतु भरा जाता है।
Q3: फॉर्म 173A में किन प्रमुख सरकारी प्रतिभूतियों की जानकारी देनी होती है?
उत्तर: इसमें कोषागार बिल (Treasury Bills), नियत दर बंधपत्र (Fixed Rate Bonds), परिवर्तनशील बंधपत्र (Floating Rate Bonds), और राज्य विकास ऋण (SDLs) शामिल हैं।





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