Study Leave में बड़ा स्पष्टीकरण: Scholarship, Stipend और Part-Time कमाई Leave Salary में होगी Adjust, विदेश में भी लागू

नई दिल्ली | 10 सितंबर 2026

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए Study Leave से जुड़ा एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण सामने आया है। Department of Personnel & Training (DoP&T) ने 8 सितंबर 2026 को जारी Office Memorandum के जरिए स्पष्ट किया है कि CCS (Leave) Rules, 1972 के Clause 56(4) में दिया गया वित्तीय समायोजन वाला प्रावधान केवल भारत में ली गई Study Leave तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेश में ली गई Study Leave पर भी लागू होगा।

इसका सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ेगा जिन्हें Study Leave के दौरान scholarship, stipend या part-time employment से remuneration मिलता है। ऐसी प्राप्त राशि कर्मचारी को देय Leave Salary के विरुद्ध adjust की जाएगी।

DoP&T ने आखिर क्या साफ किया है?

8 सितंबर 2026 के Office Memorandum में DoP&T ने कहा कि इस विषय की Leave & Allowance Division से प्राप्त clarification के आधार पर जांच की गई है। इसके बाद यह स्पष्ट किया गया कि Clause 56(4) के तहत scholarship, stipend या part-time employment से मिलने वाली remuneration को Leave Salary में adjust करने का नियम Study Leave चाहे भारत में ली गई हो या विदेश में—दोनों स्थितियों में लागू है।

यानी अब इस बात को लेकर कोई अलग व्याख्या नहीं रहेगी कि विदेश में Study Leave लेने वाले कर्मचारी पर यह adjustment लागू होगा या नहीं।

कर्मचारी को इसका मतलब आसान भाषा में क्या समझना चाहिए?

मान लीजिए किसी केंद्रीय सरकारी कर्मचारी को आगे की पढ़ाई के लिए Study Leave मंजूर होती है। इस दौरान उसे किसी संस्था से scholarship या stipend मिलता है।

ऐसी स्थिति में वह राशि कर्मचारी की Leave Salary से अलग रखकर पूरी तरह अतिरिक्त आय के रूप में नहीं देखी जाएगी। लागू नियम के मुताबिक प्राप्त राशि को payable Leave Salary के against adjust किया जाएगा।

इसी तरह यदि Study Leave के दौरान नियमों के तहत कोई part-time employment है और उससे remuneration मिलती है, तो वह रकम भी adjustment के दायरे में आएगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात: विदेश में पढ़ाई करने वालों के लिए भी वही नियम

इस clarification का सबसे बड़ा प्रभाव उन कर्मचारियों पर है जो विदेश में Study Leave लेकर higher studies, training या academic programme कर रहे हैं।

अब यह स्पष्ट है कि सिर्फ इसलिए कि Study Leave भारत से बाहर ली जा रही है, कर्मचारी इस financial adjustment से बाहर नहीं हो जाएगा। DoP&T ने दोनों परिस्थितियों—within India और outside India—को एक ही नियम के तहत रखा है।

क्या यह नया नियम है?

इसे पूरी तरह नया financial provision कहना सही नहीं होगा।

असल में DoP&T ने अपने 8 सितंबर के memorandum में Clause 56(4) की applicability को clarify किया है। यानी मूल adjustment provision पहले से नियम में मौजूद है; नया Office Memorandum मुख्य रूप से यह स्पष्ट करता है कि इसका दायरा भारत और विदेश दोनों जगह ली गई Study Leave तक है।

यह अंतर कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि “नया नियम लागू हुआ” और “मौजूदा नियम की applicability स्पष्ट की गई”—दोनों बातों का अर्थ अलग है।

Scholarship और Stipend में क्या फर्क पड़ेगा?

व्यवहारिक रूप से दोनों से प्राप्त राशि इस clarification के दायरे में आती है।

DoP&T ने specifically “scholarship/stipend/remuneration” का उल्लेख किया है। इसलिए Study Leave के दौरान इन मदों से प्राप्त रकम के संबंध में adjustment किया जाएगा।

हालांकि किसी कर्मचारी के मामले में वास्तविक adjustment की गणना और प्रक्रिया उसके sanctioned Study Leave तथा लागू service rules के आधार पर संबंधित विभाग करेगा।

Part-Time Job करने वाले कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण

अगर Study Leave की अवधि में कर्मचारी को किसी part-time employment से remuneration मिलती है, तो उसे भी Leave Salary के against adjust किया जाएगा।

इसका मतलब यह है कि Study Leave के दौरान मिलने वाली अतिरिक्त आय को छिपाने या उसे Leave Salary से अलग मानने की गुंजाइश नहीं है, जहां नियम के अनुसार वह adjustment के दायरे में आती है।

एक उदाहरण से समझिए

मान लीजिए किसी कर्मचारी को Study Leave के दौरान ₹40,000 की scholarship मिलती है और उसी अवधि में उसे ₹1,00,000 Leave Salary देय है।

नियम के तहत scholarship की राशि को Leave Salary के against adjustment के लिए लिया जाएगा। यानी वास्तविक payable amount की गणना करते समय विभाग को ₹40,000 scholarship का adjustment करना होगा।

यह केवल समझाने के लिए उदाहरण है। वास्तविक भुगतान कर्मचारी के case-specific records और लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होगा।

कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है यह clarification?

Study Leave आमतौर पर सामान्य छुट्टी से अलग उद्देश्य के लिए होती है। इसका मकसद कर्मचारी को higher studies या approved academic development के लिए समय देना है।

ऐसे में कई कर्मचारियों को scholarship, stipend या academic programme से जुड़ी financial assistance भी मिल सकती है। DoP&T का नया clarification यह सुनिश्चित करता है कि ऐसी रकम के treatment को लेकर भारत और विदेश के मामलों में अलग-अलग interpretation न हो।

इससे departments के लिए भी financial processing में एक समान approach अपनाना आसान होगा।

कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?

Study Leave के दौरान किसी भी scholarship, stipend या part-time employment से remuneration प्राप्त करने वाले कर्मचारी को संबंधित department/establishment authority को इसकी जानकारी और आवश्यक documents उपलब्ध कराने चाहिए।

खास तौर पर विदेश में Study Leave लेने वाले कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे यह मानकर न चलें कि foreign study होने के कारण प्राप्त scholarship या stipend adjustment से बाहर होगी।

आदेश की मुख्य जानकारी

विषयजानकारी
विभागDepartment of Personnel & Training
WingTraining Wing
आदेश की तारीख8 सितंबर 2026
नियमCCS (Leave) Rules, 1972 — Clause 56(4)
ScholarshipLeave Salary के against adjustment
StipendLeave Salary के against adjustment
Part-time employment remunerationLeave Salary के against adjustment
Study Leave in Indiaलागू
Study Leave outside Indiaलागू

OpinionJester का निष्कर्ष

DoP&T का यह Office Memorandum कर्मचारियों के लिए किसी नए भत्ते या अतिरिक्त भुगतान की घोषणा नहीं है, बल्कि Study Leave के दौरान मिलने वाली scholarship, stipend और part-time remuneration के adjustment को लेकर एक महत्वपूर्ण clarification है।

सबसे अहम बात यह है कि अब स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह provision भारत के साथ-साथ विदेश में ली गई Study Leave पर भी लागू होगा।

इसलिए जो केंद्रीय कर्मचारी Study Leave पर हैं या आगे Study Leave लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें scholarship, stipend या part-time employment से मिलने वाली किसी भी remuneration के बारे में अपने विभाग के लागू नियमों और reporting requirements को ध्यान से देखना चाहिए।

स्रोत: Department of Personnel & Training का Office Memorandum, F.No. 12040/26/2023-FTC/IR, दिनांक 08.09.2026

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