NPS Vatsalya Scheme (NPS वात्सल्य योजना) नाबालिग बच्चों के लिए एक विशेष Investment Scheme है। यह योजना National Pension Scheme (NPS) का हिस्सा है जो बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ‑साथ बचत की आदत को भी मजबूत करती है।
Table of Contents
What is NPS Vatsalya?
NPS Vatsalya Scheme नाबालिग (0-18 वर्ष ) बच्चों के लिए एक विशेष योजना जो Investment के साथ-साथ pension का भी फायदा देता है। Parent/Guardian अपने नाबालिग बच्चे के लिए NPS Vatsalya Account खोल सकते है।
- सभी नाबालिग भारतीय नागरिक (18 वर्ष से कम आयु) इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं।
- खाता बच्चे (Minor) के नाम से खोला जाता है, लेकिन इसका संचालन Parent/Guardian के द्वारा किया जाएगा.
- NPS Vatsalya में बच्चा ही एकमात्र लाभार्थी रहता है।
- इसमें Invest करने के अलग- अलग विकल्प दिए जाते है – Default Choice, Active Choice & Auto Choice.
योगदान (Contribution) के नियम
- पहली बार कम से कम 250 रुपये से खाता खोलना होता है, अधिकतम योगदान की कोई सीमा नहीं।
- प्रत्येक वर्ष आपको न्यूनतम 250 रुपये का निवेश करना ही होगा Vatsalya Account को चालू रखने के लिए।
- 250 रुपये से ऊपर आप कितना भी निवेश कर सकते है.
- योगदान बैंक ब्रांच, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, eNPS आदि के माध्यम से किया जा सकता है.
Investment Option and asset Allocation
आप किसी भी PFRDA‑रजिस्टर्ड Pension Fund Manager का चुनाव अपने Investment के लिए कर सकते हैं और आपको तीन प्रकार के Asset Allocation के विकल्प मिलते हैं।
- Default / Life Cycle (Moderate LC‑50)
- जब पहली बार NPS Vatsalya Account खोला जाता है तो Moderate LC-50 default Investment Scheme होता है, जिसे आप चाहे तो बदल सकते है। इस स्कीम में आप के Contribution का 50% हिस्सा Equity में निवेश होता है और बाक़ी का 50% हिस्सा बांड में निवेश किया जाता है ।
- Auto Choice – Life Cycle Fund
इसमें कुल तीन प्रकार के निवेश विकल्प मिलते है, जिनका चुनाव आप अपने हिसाब से कर सकते है –
- Aggressive LC‑75 :- इसमें आपके Contribution का 75% हिस्सा Equity में बाक़ी बांड में निवेश होता है ।
- Moderate LC‑50 :- इसमें 50% इक्विटी और बाक़ी बांड में निवेश होता है.
- Conservative LC‑25 :- 25% इक्विटी में और बाक़ी बांड में निवेश होता है ।
- Active Choice
- इस Investment Scheme में आप ख़ुद यह तय करते है की आपके अपने Contribution का कितना पैसाEquity, Corporate Debt, Government Security और Alternate assets में निवेश होगा, यानी इसमें Investment का पूरा Control आपके हाथ में होता है.
- इसमें आप इक्विटी में अधिकतम 75% तक , Corporate Debt और Government Security में 100% तक, और Alternate Asset में 5% तक ही निवेश कर सकते है .
Tax Benefits
एनपीएस वात्सल्य (NPS Vatsalya) योजना में निवेश करने पर माता-पिता या अभिभावकों को पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) के तहत टैक्स में छूट मिलती है।.
निवेश (Contribution) के समय टैक्स छूट
- धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त छूट: यह इस योजना का सबसे बड़ा फायदा है। माता-पिता अपने नाबालिग बच्चे के खाते में किए गए निवेश पर ₹50,000 तक की अतिरिक्त टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं। यह छूट धारा 80C की ₹1.5 लाख की सीमा से अलग और ऊपर मिलती है। यानी कुल मिलाकर आप ₹2 लाख तक की टैक्स छूट पा सकते हैं।
- धारा 80C / 80CCD(1) के अंतर्गत लाभ: इस खाते में जमा की गई राशि धारा 80C की कुल ₹1.5 लाख की वार्षिक सीमा के तहत भी कटौती के लिए योग्य है।
⚠️ महत्वपूर्ण नोट: ये सभी टैक्स डिडक्शन केवल पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) में ही उपलब्ध हैं। यदि आप नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) चुनते हैं, तो निवेश के समय कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी।
आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) पर टैक्स लाभ
- बच्चे की शिक्षा, गंभीर बीमारी या विकलांगता के इलाज के लिए खाते से 25% तक की आंशिक निकासी पूरी तरह से टैक्स-फ्री (कर मुक्त) होती है
खाता बंद करने या 18 वर्ष होने पर टैक्स नियम (Exit / Closure)
- ₹8 लाख या उससे कम : यदि कुल राशि ₹8 लाख या उससे कम है, तो पूरी राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है, जो 100% टैक्स-फ्री होगी।
- ₹8 लाख से अधिक : यदि कुल राशि ₹8 लाख से ज्यादा है तो उस स्थिति में आप 80% राशि एकमुश्त निकाल सकते है जबकि कम से कम 20% राशि को एन्युटी (Annuity) यानी रेगुलर पेंशन प्लान खरीदने में निवेश करना अनिवार्य है। निकाली गई 80% एकमुश्त राशि टैक्स-फ्री होती है, लेकिन एन्युटी से मिलने वाली नियमित आय पर बच्चे के भविष्य के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा।
Partial Withdrawal Rule
NPS Vatsalya Scheme में कुछ विशेष परिस्थितियों में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की सुविधा दी गई है ।
- निवेशक अपने योगदान का अधिकतम 25% तक ही निकाल सकता है .
- बच्चे की शिक्षा, गंभीर बीमारी, या विकलांगता जैसी विशेष परिस्थिति में ही Partial Withdrawal सम्भव है।
- Partial Withdrawal खाता खोलने के 3 वर्ष की अवधि के बाद ही सम्भव है।
- 0 से 18 वर्ष के बीच दो बार और 18 से 21 वर्ष के बीच दो बार ही आप आंशिक निकासी कर सकते है .
- Partial Withdrawal पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है .
18 वर्ष बाद क्या होता है?
जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाता है तो उसके पास तीन विकल्प मौजूद होते है —या तो वह खाता बंद कर दे (Exit), या इसे खुद रेगुलर NPS में बदल ले ), या फिर NPS वात्सल्य में ही बने रहे।
- 18 वर्ष पूरा होने के बाद वह चाहे तो अपने Account को 21 वर्ष तक जारी रख सकता है.
- 18 से 21 वर्ष के बीच कभी भी NPS Tier-1 में स्थानांतरण करवा सकता है.
- या अपने निवेश का 80% एकमुश्त निकल सकता और बाकी के 20% से एन्युटी (Pension) खरीद सकता है .
महत्वपूर्ण सूचना
- यदि १८ वर्ष के बाद NPS Tier-I का चयन करते है, तो 3 माह के अंदर नया KYC करना होता है।
- यदि 21 साल की उम्र तक कोई भी विकल्प नहीं चुना गया, तो यह मान लिया जाता है कि खाता धारक इसे लंबी अवधि के लिए जारी रखना चाहता है। इसलिये खाता NPS MSF (Multi Scheme Framework) में Convert कर दिया जाता है।
NPS Vatsalya Exit Rules
- यदि १८ वर्ष की आयु की बाद Exit करना चाहते है और उस समय आपके Account की कुल value ८ लाख या इस से कम है तो आप उसे पूरा एक बार में निकल सकते है।
- यदि आपके खाते का value ८ लाख से ज़्यादा है तो यह नियम बदल जाते है, अब आप अपने कुल value का 80% एकमुश्त निकल सकते है बाक़ी 20% से Annuity खरीदी जाती है जिससे आपको मासिक Pension दी जाती है ।
मृत्यु के मामले में
- यदि दुर्भाग्यवश सब्सक्राइबर (नाबालिग) की मृत्यु हो जाती है, तो पूरा पैसा गार्जियन / नामित व्यक्ति को दिया जाता है।
How to open NPS Vatsalya Account?
NPS Vatsalya Account को आप बहुत ही आसान तरीके से खोल सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें —
- खाता खोलने के स्थान (Where to open?)
- आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
- अभिभावक का KYC: पहचान और स्थायी पते के प्रमाण हेतु आधार कार्ड, पैन, पासपोर्ट या वोटर आईडी।
- बच्चे का आयु प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल सर्टिफिकेट या पासपोर्ट जिससे जन्म तिथि (DOB) प्रमाणित हो सके।
- NRI गार्जियन के लिए: माइनर के नाम पर एनआरई (NRE) या एनआरओ (NRO) बैंक अकाउंट होना जरूरी है।
eNPS पोर्टल के माध्यम से आप घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जहाँ आपको फंड मैनेजर चुनना होगा और डिजिटल KYC की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
एनपीएस वात्सल्य के मुख्य लाभ – संक्षेप में
- सुरक्षित और विनियमित निवेश: बच्चों के भविष्य के लिए एक सुरक्षित और PFRDA द्वारा विनियमित लंबी अवधि का निवेश विकल्प।
- टैक्स लाभ (पुरानी टैक्स व्यवस्था): धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त छूट और धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती का लाभ।
- आंशिक निकासी की सुविधा: शिक्षा, गंभीर बीमारी या विकलांगता जैसी स्थितियों में निवेश का 25% तक टैक्स-फ्री निकाला जा सकता है।
- वित्तीय अनुशासन: बच्चों में बचपन से ही बचत और निवेश की आदत डालने में मदद मिलती है।
- लचीलापन (18 वर्ष की आयु पर): बच्चा 18 वर्ष का होने पर खाते को बंद कर सकता है, नियमित NPS में बदल सकता है, या इसे जारी रख सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)
NPS Vatsalya योजना बच्चों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भारत सरकार की एक सराहनीय पहल है। यह न केवल अभिभावकों को पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत महत्वपूर्ण कर लाभ प्रदान करती है, बल्कि चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) के माध्यम से दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण (Long-term Wealth Creation) का एक ठोस अवसर भी देती है। बचपन से ही निवेश की शुरुआत करने से बच्चों में वित्तीय अनुशासन विकसित होता है और 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर उन्हें एक मजबूत वित्तीय आधार प्राप्त होता है, जिसे वे अपनी उच्च शिक्षा या करियर की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ा सकते हैं। संक्षेप में, यह योजना ‘कल के लिए आज की बचत’ के सिद्धांत को साकार करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. NPS Vatsalya योजना के लिए कौन पात्र है?
सभी नाबालिग भारतीय नागरिक जिनकी आयु 18 वर्ष से कम है, इस योजना के लिए पात्र हैं।
2. इस योजना में न्यूनतम निवेश राशि क्या है?
खाता खोलने के लिए न्यूनतम 250 रुपये की आवश्यकता होती है, और खाते को सक्रिय रखने के लिए हर साल कम से कम 250 रुपये का निवेश करना अनिवार्य है।
3. क्या इस योजना में कोई टैक्स लाभ मिलता है?
हाँ, पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत, माता-पिता धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त छूट और धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं।
4. 18 वर्ष की आयु होने पर निकासी के नियम क्या हैं?
यदि कुल राशि ₹8 लाख या उससे कम है, तो पूरी राशि टैक्स-फ्री निकाली जा सकती है। ₹8 लाख से अधिक होने पर, 80% राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है और शेष 20% का उपयोग एन्युटी (पेंशन) खरीदने के लिए किया जाना चाहिए।
5. क्या आपातकालीन स्थिति में आंशिक निकासी संभव है?
हाँ, शिक्षा, गंभीर बीमारी या विकलांगता के लिए 3 वर्ष के बाद अपने योगदान का 25% तक निकाला जा सकता है।








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