National Pension System (NPS) का Multiple Scheme Framework (MSF) Investment Scheme आम नागरिकों के लिए पेंशन की सुरक्षा प्रदान करने के लिए PFRDA द्वारा 2025 में लागू किया गया था, आप इसमें विभिन्न Asset Class Equity, Corporate Debt, Government Security आदि में निवेश कर सकते है ।
NPS MSF क्यो शुरू किया गया?
MSF को भारत की पेंशन व्यवस्था को मजबूत बनाने और निवेशकों को अधिक विकल्प, पारदर्शिता और लचीलापन देने के लिए शुरू किया गया था, पहले NPS में एक Tier में एक ही Investment Scheme चुनने की अनुमति थी, और Equality की अधिकतम सीमा केवल 75% तक ही थी। लेकिन अब MSF के तहत एक निवेशक अलग–अलग Scheme में निवेश कर सकते हैं साथ ही अपने Work Profile, जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार अपनी Investment Scheme तैयार कर सकता है.
Multi Scheme Framework का मुख्य आकर्षण
Multi Scheme Framework का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इसकी कई Investment स्कीमों में 100% तक Equity में निवेश करने की आजादी हैं। जो पहले केवल 75% तक ही सीमित थी, PFM (Pension Fund Manager) अलग–अलग Equity Scheme ला रहे हैं, जिनमें 85–100% या 90–100% तक Equity में निवेश की अनुमति है। यह बदलाव युवा और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक game–changer साबित हो सकता है ।
Table of Contents
Investment schemes under NPS MSF
MSF के अंतर्गत अलग -अलग Pension Fund Managers Tier I और Tier II खातों के लिए कई Investment Scheme निकली हैं, जो सामान्य तौर पर इन तीन कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं:
- Equity focused Scheme: इस के अंतर्गत Equity में 85–100% या 90–100% तक निवेश का विकल्प मिलता है जो लंबे समय के growth के लिए उपयोगी है।
- Aggressive Hybrid Scheme: इसमें लगभग 50–85% तक Equity में, बाकी Corporate Debt व Government Security में निवेश होता है, जो growth और stability प्रदान करता हैं।
- Moderate / Conservative Hybrid Scheme: इसमें करीब 25–65% Equity में निवेश होता जबकि ज्यादा हिस्सा Debt में निवेश होता है, यह कम जोखिम लेने वाले निवेश के लिए उपयुक्त है।
Note
- लगभग सभी Investment Scheme में 5% तक Alternate Assets (जैसे REITs, InvITs या AT1 bonds) और short–term debt में निवेश करने का विकल्प मिलता है।
- Pension Fund Managers निवेशकों के लिए लो-Risk (कम जोखिम) वाले Scheme भी उपलब्ध करा सकते हैं
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Tier I और Tier II पर MSF का असर
MSF Tier I और Tier II दोनों खातों पर लागू होता है, लेकिन इसके नियम अलग-अलग होते है।
Tier I (Pension Account)
- उद्देश्य और स्वरूप: यह आपका मुख्य पेंशन खाता होता है, जो विशेष रूप से आपके रिटायरमेंट के लिए होता है।
- Vesting Period (लॉक-इन): Tier-I में न्यूनतम 15 वर्ष का अनिवार्य लॉक-इन अवधि होती है। हालांकि, यदि 15 वर्ष से पहले ही निवेश की आयु 60 वर्ष की हो जाती है या वह सेवानिवृत्त हो जाता है, तो वह इस अवधि से पहले भी MSF से exit हो सकता है।
- Fund Transfer और Switching के नियम:
- Vesting Period के दौरान: यदि निवेशक को लगता है जिस Scheme में उसने निवेश किया वह अच्छा Return नहीं दे रही है तो common Scheme में Fund Transfer कर सकते है लेकिन वे सीधे एक MSF Scheme से दूसरी MSF Scheme में Switch नहीं कर सकते।
- Vesting Period पूरी होने के बाद: 15 वर्ष की अवधि पूरी होने पर या रिटायरमेंट के समय, निवेश विभिन्न पेंशन फंडों (PFs) की MSF योजनाओं के बीच अपने फंड को स्थानांतरित (transfer/switch) कर सकते हैं।
Tier II (Voluntary, non-tax-advantaged account)
- इसमें Scheme आमतौर पर open–ended होती हैं और उसमें liquidity ज्यादा होती है।
- कुछ MSF Scheme Tier-II Account में भी 90–100% तक Equity में निवेश की सुविधा प्रदान करती है।
| MSF के मुख्य लाभ (Benefits) | विवरण (Details) |
|---|---|
| 1. Personalization | एक ही PRAN के तहत सुरक्षित, moderate और aggressive स्कीमों में निवेश संभव है। |
| 2. Diversification | अलग-अलग Pension Fund Managers और Schemes में निवेश करके जोखिम कम कर सकते है। |
| 3. Transparency & Low Cost | स्पष्ट NAV और बेंचमार्क; कुल चार्ज केवल 0.30% AUM तक सीमित। |
| 4. High Growth Potential | 100% equity विकल्प के साथ बड़े रिटायरमेंट कॉर्पस बनाने की सुविधा। |
| Target Investors | Suitability |
| युवा (Youth) | जिनके पास 20-30 वर्ष का समय है और market-linked returns चाहते हैं। |
| प्राइवेट सेक्टर / Self-employed | जो अपने कैश-फ्लो के अनुसार नियमित या लचीला निवेश चाहते हैं। |
| Growth-oriented निवेशक | जिनकी जोखिम क्षमता अधिक है और 100% equity का लाभ उठाना चाहते हैं। |
NPS MSF में निवेश से जुड़े जोखिमों का विस्तृत विवरण
जहाँ 100% Equity और aggressive Scheme से निवेश में ज्यादा रिटर्न की संभावना बढ़ जाती हैं, वहीं इसके साथ कुछ महत्वपूर्ण जोखिम और सीमाएं भी आती हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है:
- Market volatility (बाजार का उतार-चढ़ाव): Equity कम समय में बहुत अधिक उतार–चढ़ाव संभव हैं। MSF के तहत 100% तक equity में निवेश की अनुमति है, जिसके कारण बाजार की गिरावट का असर आपके फंड पर सीधा पड़ेगा। चुकी NPS एक long–term निवेश है जिसके कारण यह volatility समय के साथ smooth हो सकती है, लेकिन इसके लिए निवेशकों में अत्यधिक धैर्य की आवश्यकता होती है।
- Lock–in और liquidity (लॉक-इन और तरलता): Tier I MSF Scheme में न्यूनतम 15 वर्ष का अनिवार्य lock–in होता है। जिसके कारण आपातकालीन स्थितियों में बीच में पैसे निकालने की आज़ादी काफी सीमित हो जाती है, जिससे Liquidity का जोखिम बना रहता है।
- Performance और Fund Manager का जोखिम: Equity Scheme का प्रदर्शन पूरी तरह से बाजार की स्थिति और Pension Fund Manager (PFM) की निवेश strategy पर निर्भर करता है। यदि PFM की रणनीति गलत साबित होती है, तो इससे आपका रिटर्न भी प्रभावित होगा, इसलिए एक अच्छा Fund Manager चयन करना और उसका periodic review करना बेहद जरूरी है।
- Switching पर प्रतिबंध: Vesting Period (15 वर्ष) के दौरान, यदि आपकी MSF स्कीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है, तो आप सीधे एक MSF Scheme से दूसरी MSF Scheme में Switch नहीं कर सकते। आपको केवल common Scheme में ही Fund Transfer करने की अनुमति होती है, जो इसके लचीलेपन को थोड़ा सीमित करता है।
इसीलिए MSF में निवेश करने और कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी risk profile, time horizon और overall financial plan पर अच्छी तरह से विचार कर लेना चाहिए।
NPS MSF अकाउंट खोलने की प्रक्रिया
| चरण | विवरण |
|---|---|
| लॉग-इन | अपने CRA (जैसे Protean, KFin, CAMS आदि) पोर्टल में लॉग-इन करें। |
| सेक्शन चुनें | पोर्टल में MSF स्कीम सेक्शन पर जाएँ। |
| स्कीम चयन | अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार स्कीम (equity/hybrid) चुनें। |
| निवेश | SIP या one-time contribution तय करें। |
| भुगतान | net banking या e-mandate के जरिए भुगतान पूरा करें। |
NPS MSF बनाम पारंपरिक NPS कॉमन स्कीम
| Aspect | पारंपरिक NPS Scheme | Multiple Scheme Framework (MSF) |
|---|---|---|
| Equity लिमिट | अधिकतम 75% तक सीमित। | 100% Equity में निवेश की अनुमति। |
| स्कीमें | प्रति Tier एक ही मुख्य निवेश स्कीम। | एक PFM में विभिन्न रणनीतियों वाली कई स्कीमें। |
| Diversification | सीमित; एकल मास्टर निवेश रणनीति। | उच्च; विभिन्न PFMs और मल्टीपल स्कीमों में फैलाव। |
| Charges | 0.03% से 0.09% तक कुल AUM का। | अधिकतम 0.30%तक कुल AUM का । |
| Lock-in Period | Tier I में 60 वर्ष (रिटायरमेंट) तक। | Tier I MSF में न्यूनतम 15 वर्ष का अनिवार्य लॉक-इन। |
Tax Benefits under NPS MSF Scheme
| Category/Section | Key Benefit | Tax Impact |
|---|---|---|
| Section 80CCD(1) | सैलरी का 10% तक (बिजनेस के लिए 20%) निवेश पर छूट। | ₹1.5 लाख की 80C सीमा के अंतर्गत। |
| Section 80CCD(1B) | ₹50,000 का अतिरिक्त निवेश विकल्प। | ₹1.5 लाख की सीमा से ऊपर (केवल Old Tax Regime)। |
| Maturity (60% Lump-sum) | 60 वर्ष की उम्र पर कुल जमा का 60% एकमुश्त निकासी। | पूरी तरह से टैक्स-फ्री (Tax-Free)। |
| Annuity (40% Pension) | बाकी 40% से पेंशन प्लान खरीदना अनिवार्य। | ट्रांसफर टैक्स-फ्री; मासिक पेंशन स्लैब के अनुसार टैक्स योग्य। |
| Partial Withdrawal | शिक्षा, शादी या बीमारी के लिए अपने योगदान का 25% तक निकासी। | पूरी तरह से टैक्स-फ्री। |

निष्कर्ष: क्या आपको NPS MSF का चयन करना चाहिए?
यदि आप दीर्घकालिक निवेश का लक्ष्य रखते हैं, बाजार के जोखिमों (market risk) को भली-भांति समझते हैं और सेवानिवृत्ति तक 15+ वर्षों की समयावधि (horizon) रखते हैं, तो NPS का MSF आपके लिए एक अत्यंत प्रभावी विकल्प सिद्ध हो सकता है, परंतु इसके साथ ही एक Disciplined long-term Investment approach भी बहुत जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. NPS MSF (Multiple Scheme Framework) क्या है?
यह एक निवेश ढांचा है जो निवेशकों को NPS के तहत विभिन्न पेंशन फंडों और स्कीमों में निवेश करने का विकल्प देता है, जिससे वे अपने जोखिम और लक्ष्यों के अनुसार अपना पोर्टफोलियो चुन सकते हैं।
2. MSF में निवेश किसके लिए उपयुक्त है?
यह उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो 15+ वर्षों का लंबा दृष्टिकोण रखते हैं और उच्च रिटर्न के लिए बाजार-लिंक्ड जोखिम लेने को तैयार हैं।
3. MSF में अधिकतम इक्विटी एक्सपोजर कितना है?
MSF के तहत, निवेशक 100% तक इक्विटी में निवेश कर सकते हैं, जो पारंपरिक NPS योजनाओं की 75% की सीमा से काफी अधिक है।
4. क्या मैं MSF के दौरान स्कीम स्विच कर सकता हूँ?
Vesting period (15 वर्ष) के दौरान, आप सीधे एक MSF स्कीम से दूसरी MSF स्कीम में स्विच नहीं कर सकते, केवल कॉमन स्कीमों में फंड ट्रांसफर कर सकते हैं।
5. क्या MSF में निवेश पर टैक्स लाभ मिलते हैं?
हाँ, इसमें 80CCD(1), 80CCD(1B) और 80CCD(2) के तहत पारंपरिक NPS जैसे ही सभी टैक्स लाभ उपलब्ध हैं।





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