Ayushman CAPF
रेफरल प्रणाली के नए नियम (जून 2024)
आयुष्मान सीएपीएफ योजना की रेफरल प्रक्रिया को नए नियमों (जून 2024) के साथ अधिक पारदर्शी और लाभार्थी-अनुकूल बनाया गया है। रेफरल की वैधता, अधिकृत जारी-कर्त्ता और छूट की स्थितियाँ अब स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं, जिससे कर्मियों और आश्रितों को त्वरित, कैशलेस उपचार प्राप्त करने में सुविधा होगी।
आयुष्मान सीएपीएफ: रेफरल प्रणाली के नए नियम
15 जून 2024 से प्रभावी नए दिशानिर्देशों के साथ आयुष्मान सीएपीएफ योजना की रेफरल प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। ये नए नियम रेफरल स्लिप की वैधता, अधिकृत जारीकर्ताओं और विशेष परिस्थितियों में छूट को स्पष्ट करते हैं, जिससे लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त करने में आसानी होगी।
रेफरल का बुनियादी उद्देश्य
रेफरल स्लिप एक लिखित अनुमोदन है जो किसी सीएपीएफ/सरकारी अस्पताल या योग्य सैन्य चिकित्सक द्वारा लाभार्थी को दिया जाता है। यह दस्तावेज़:
- वास्तविक लाभार्थी की पहचान की पुष्टि करता है
- चिकित्सा आवश्यकता का ब्यौरा दर्ज करता है
- क्लेम निराकरण के समय अनिवार्य साक्ष्य का कार्य करता है
- पैनल में शामिल निजी या सार्वजनिक अस्पताल में कैशलेस उपचार प्राप्त करने में सहायक होता है
नए दिशानिर्देश (प्रभावी 15 जून 2024)
वैधता अवधि एवं परामर्श सीमा
नए एसजीसीपी के अनुसार रेफरल स्लिप की वैधता अब स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है:
सामान्य परामर्श
- रेफरल स्लिप की वैधता: 30 दिन
- जारी होने की तारीख से प्रभावी
- केवल एक बार उपयोग के लिए
विशेषज्ञ परामर्श
- रेफरल स्लिप की वैधता: 15 दिन
- केवल निर्दिष्ट विशेषज्ञ के लिए
- एक बार उपयोग के बाद समाप्त
क्रॉनिक रोग
- रेफरल स्लिप की वैधता: 90 दिन
- कैंसर, सीओपीडी, डायलिसिस आदि के लिए
- बहुप्रावस्था उपचार हेतु
अधिकृत जारी-कर्त्ता
- सीएपीएफ/सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधिकारी
- Army Medical Corps (AMC) के डॉक्टर (3 जून 2024 की परिपत्र से अधिकृत)
- किसी भी राज्य या केंद्र शासित क्षेत्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज/ज़िला अस्पताल
अनिवार्य फ़ॉर्मेट
- प्रारंभिक निदान व मुख्य लक्षण
- इच्छित सेवा (स्पेशलिटी, जाँच या शल्य-क्रिया का नाम)
- जारी करने की तिथि व वैधता अवधि
- चिकित्सक का हस्ताक्षर व मोहर (हॉस्पिटल की मोहर भी मान्य)
- ओपीडी स्लिप पर लिखी गई रेफरल पर कम्प्यूटर मोहर आवश्यक नहीं
आयु-आधारित विशेष प्रावधान
75 वर्ष या अधिक आयु के लाभार्थी
ऐसे लाभार्थियों को ओपीडी, सूचीबद्ध जाँच तथा सामान्य शल्य-क्रियाओं के लिये किसी रेफरल की आवश्यकता नहीं है। आपातकाल होने पर भी यही छूट लागू है।
70 प्लस राष्ट्रीय विस्तार
हालाँकि भारत सरकार ने एबी-पीएम-जेएवाई के तहत सभी 70+ नागरिकों को कवर करने की घोषणा की है, सीएपीएफ रेफरल छूट अभी 75+ वर्ग पर ही लागू है। अन्य आयु-समूह के कर्मियों को सामान्य नियमों का पालन करना होगा।
क्रॉनिक / कैंसर मामलों हेतु विस्तारित वैधता
ऐसे रोग (जैसे कैंसर, सीओपीडी, डायलिसिस) जिन्हें गृह मंत्रालय के 26 अक्टूबर 2023 आदेश में “क्रॉनिक” श्रेणी में रखा गया है, उनके लिये रेफरल 03 महीने तक मान्य रहेगा। यह विस्तारित वैधता बहुप्रावस्था उपचार को बाधित होने से बचाती है।
ओपीडी बनाम आईपीडी नियम
| सेवा प्रकार | रेफरल आवश्यकता | विशेष नियम |
|---|---|---|
| ओपीडी / नियोजित जांच | अनिवार्य | 30-दिवसीय नियम लागू |
| आईपीडी (कैशलेस भर्ती) | CGHS पैनल के निजी अस्पताल में भर्ती हेतु अनिवार्य | AB-PM-JAY अस्पताल (जनरल वार्ड) में आश्रितों को आवश्यकता नहीं |
| आपातकालीन भर्ती | आवश्यक नहीं | अस्पताल को “इमरजेंसी प्रमाणपत्र” अपलोड करना होगा |
इमरजेंसी स्थितियाँ
इमरजेंसी की परिभाषा दुर्घटना, हृदयाघात, स्ट्रोक, गंभीर रक्तस्राव इत्यादि तक विस्तारित है। उपचार के पश्चात दावा प्रस्तुत करते समय अस्पताल द्वारा अपलोड किया गया आपात प्रमाणपत्र रेफरल के समकक्ष माना जायेगा।
सामान्य त्रुटियाँ व उनका समाधान
| सामान्य कमी | निपटारा |
|---|---|
| रेफरल पर निदान/मोहर अनुपस्थित | नई स्लिप बनवाएँ या चिकित्सक से प्रमाणित कराएँ |
| वैधता सीमा पार | नये रेफरल के लिये पुनः सरकारी/सीएपीएफ अस्पताल जाएँ |
| दवाई बिल पर DL / GST नं. नहीं | फ़ार्मेसी से सही बिल प्राप्त कर दोबारा अपलोड करें |
| गलत जारीकर्ता | अधिकृत जारीकर्ता से नया रेफरल प्राप्त करें |
| अपूर्ण चिकित्सा विवरण | पूर्ण विवरण के साथ नया रेफरल प्राप्त करें |
मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम व डिजिटलीकरण
हर यूनिट में दो मास्टर ट्रेनर नामित किये गये हैं जो जवानों को e-KYC, रेफरल अपलोडिंग व रीइम्बर्समेंट मॉड्यूल का प्रशिक्षण देते हैं। यह नवाचार दावा अस्वीकृति दर में उल्लेखनीय कमी लाने की दिशा में अहम कदम है।
आयुष्मान सीएपीएफ: नई रेफरल प्रणाली के लाभ
नवीन रेफरल दिशानिर्देशों ने वैधता, अधिकृत स्रोत, तथा आयु-आधारित छूटों को सुव्यवस्थित कर दिया है, जिससे अकारण बिल क्वेरी और भुगतान में देरी की समस्याएँ घटेंगी।
कर्मियों के लिए सुझाव:
- निर्धारित अवधि में रेफरल बनवाएँ
- स्लिप के अनिवार्य विवरणों की स्वयं जाँच करें
- मास्टर ट्रेनर या हेल्पलाइन 14588 से मार्गदर्शन लेते रहें
- आयु-आधारित छूट का लाभ उठाएँ
- क्रॉनिक रोगों के लिए विस्तारित वैधता का उपयोग करें
आयुष्मान सीएपीएफ हेल्पलाइन: 14588